Type Here to Get Search Results !

कारक चिह्न हिन्दी व्याकरण नोट्स

यह रहे कारक चिह्न (Karak Chihn) के संक्षिप्त और परीक्षा-उपयोगी नोट्स। टीईटी (TET) परीक्षाओं में इस टॉपिक से सीधे वाक्य देकर कारक पहचानने या विभक्ति चिह्न से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।

कारक की परिभाषा

वाक्य में प्रयुक्त संज्ञा या सर्वनाम शब्दों का संबंध क्रिया या वाक्य के अन्य शब्दों के साथ जोड़ने वाले चिह्नों को 'कारक चिह्न' (या परसर्ग / विभक्ति) कहा जाता है।

हिंदी व्याकरण में कारक के कुल 8 भेद होते हैं:

कारक और उनके चिह्न (तालिका)

क्रमकारक का नामकारक चिह्न (विभक्ति)मुख्य कार्य / अर्थ
1.कर्ता कारकनेक्रिया को करने वाला
2.कर्म कारककोजिस पर क्रिया का फल पड़े
3.करण कारकसे, के द्वाराक्रिया का साधन या माध्यम
4.संप्रदान कारकको, के लिएजिसके लिए कुछ किया जाए या दिया जाए
5.अपादान कारकसेअलगाव, तुलना, डर या दूरी का भाव
6.संबंध कारकका, के, की, रा, री, रेआपसी संबंध प्रकट करना
7.अधिकरण कारकमें, परक्रिया का आधार, स्थान या समय
8.संबोधन कारकहे!, अरे!, अजी!किसी को पुकारना या संबोधित करना




विस्तृत विवरण और उदाहरण

1. कर्ता कारक (Nominative Case)

  • पहचान: क्रिया को करने वाला कर्ता कहलाता है। इसका मुख्य चिह्न 'ने' है (यह भूतकाल की सकर्मक क्रियाओं के साथ प्रमुखता से लगता है)।
  • उदाहरण:
    • राम ने पत्र लिखा। (कर्ता = राम)
    • बालक दौड़ता है। (यहाँ चिह्न छिपा हुआ है / शून्य विभक्ति है)

2. कर्म कारक (Accusative Case)

  • पहचान: जिस शब्द पर क्रिया का प्रभाव या फल पड़ता है, वह कर्म कारक होता है। इसका चिह्न 'को' है।
  • उदाहरण:
    • अध्यापक ने छात्र को डाँटा।
    • माँ ने फल खाया। (कर्म 'फल' के साथ 'को' छिपा हुआ है)

3. करण कारक (Instrumental Case)

  • पहचान: जिस साधन या माध्यम से क्रिया पूरी होती है, वहाँ करण कारक होता है। इसका चिह्न 'से' या 'के द्वारा' है।
  • उदाहरण:
    • रवि कलम से लिखता है। (साधन = कलम)
    • पुलिस द्वारा चोर पकड़ा गया।

4. संप्रदान कारक (Dative Case)

  • पहचान: जिसके लिए कुछ किया जाए या जिसे कुछ दिया जाए (सदा के लिए), वहाँ संप्रदान कारक होता है। इसके चिह्न 'को' और 'के लिए' हैं।
  • उदाहरण:
    • గరీబోं (गरीबों) को भोजन दो। (देने के अर्थ में)
    • पिताजी बेटे के लिए खिलौना लाए।

5. अपादान कारक (Ablative Case)

  • पहचान: जहाँ किसी वस्तु का किसी दूसरी वस्तु से अलग होने, डरने, सीखने या तुलना करने का भाव हो। इसका चिह्न 'से' है।
  • उदाहरण:
    • पेड़ से पत्ता गिरा। (अलग होने का भाव)
    • गंगा हिमालय से निकलती है।
    • शेर से बच्चा डरता है। (डर का भाव)

6. संबंध कारक (Genitive Case)

  • पहचान: जिस रूप से एक वस्तु या व्यक्ति का दूसरी वस्तु या व्यक्ति से संबंध प्रकट हो। इसके चिह्न का, के, की, रा, री, रे हैं।
  • उदाहरण:
    • यह सोहन की पुस्तक है।
    • वह मेरा भाई है।

7. अधिकरण कारक (Locative Case)

  • पहचान: क्रिया के होने के स्थान, समय या आधार का बोध कराने वाले शब्द। इसके चिह्न 'में' और 'पर' हैं।
  • उदाहरण:
    • मछली पानी में तैरती है। (स्थान)
    • बंदर पेड़ पर बैठा है। (आधार)

8. संबोधन कारक (Vocative Case)

  • पहचान: किसी को पुकारने, बुलाने या सावधान करने के लिए प्रयुक्त होने वाले शब्द। इसके चिह्न हे!, अरे!, रे! आदि हैं।
  • उदाहरण:
    • हे ईश्वर! मुझ पर कृपा करो।
    • अरे लड़कों! शोर मत करो।

TET परीक्षा के लिए विशेष टिप्स (महत्वपूर्ण अंतर)

  1. करण 'से' बनाम अपादान 'से':
    • यदि 'से' का प्रयोग साधन के रूप में हो (जैसे- चाकू से फल काटना), तो करण कारक होगा।
    • यदि 'से' का प्रयोग अलग होने के अर्थ में हो (जैसे- हाथ से गेंद छूटना), तो अपादान कारक होगा।
  2. कर्म 'को' बनाम संप्रदान 'को':
    • जब वस्तु हमेशा के लिए दी जाए या उपकार हो (जैसे- भिखारी को वस्त्र देना), तो संप्रदान कारक होता है।
    • सामान्य प्रभाव पड़ने पर (जैसे- शिक्षक ने छात्र को पढ़ाया) कर्म कारक होता है।


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.