हिंदी व्याकरण में अव्यय (अविकारी शब्द) एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक है। यहाँ अव्यय की परिभाषा, उसके भेद और उपयुक्त उदाहरणों के साथ संपूर्ण नोट्स दिए गए हैं।
1. अव्यय की परिभाषा (Definition)
ऐसे शब्द जिनके रूप में लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई परिवर्तन (विकार) नहीं होता है, वे हमेशा अपने मूल रूप में बने रहते हैं, उन्हें अव्यय या अविकारी शब्द कहते हैं।
- शाब्दिक अर्थ: 'अव्यय' का अर्थ होता है- जो व्यय (खर्च या परिवर्तित) न हो।
उदाहरण:
- धीरे-धीरे, और, किंतु, परंतु, कल, आज, यहाँ, वहाँ आदि।
- वाक्य प्रयोग:
- लड़का धीरे-धीरे चलता है।
- लड़की धीरे-धीरे चलती है।
- (यहाँ 'लिंग' बदलने पर भी 'धीरे-धीरे' शब्द में कोई बदलाव नहीं आया।)
2. अव्यय के मुख्य भेद (Types of Avyaya)
प्रयोग की दृष्टि से अव्यय के मुख्य रूप से 4 भेद होते हैं:
I. क्रियाविशेषण अव्यय (Adverbial Avyaya)
जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रियाविशेषण अव्यय कहते हैं। इसके चार उपभेद होते हैं:
- कालवाचक (समय सूचक): जो समय का बोध कराएं।
- उदाहरण: वह कल आएगा। / तुम प्रतिदिन पढ़ो।
- स्थानवाचक (स्थान सूचक): जो स्थान का बोध कराएं।
- उदाहरण: बच्चा वहाँ बैठा है। / तुम अंदर आओ।
- परिमाणवाचक (मात्रा सूचक): जो मात्रा या परिमाण का बोध कराएं।
- उदाहरण: वह कम बोलता है। / उसने बहुत खाया।
- रीतिवाचक (ढंग या तरीका सूचक): जो कार्य के होने की रीति या ढंग बताएं।
- उदाहरण: घोड़ा तेजी से दौड़ता है। / वह अचानक आ गया।
II. संबंधबोधक अव्यय (Prepositional/Postpositional Avyaya)
जो अव्यय शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर वाक्य के दूसरे शब्दों के साथ उनका संबंध जोड़ते हैं, उन्हें संबंधबोधक कहते हैं।
- प्रमुख शब्द: के आगे, के पीछे, के ऊपर, के नीचे, के पास, के बिना, के कारण आदि।
- उदाहरण:
- पेड़ के नीचे गाय बैठी है।
- घर के सामने एक बड़ा पार्क है।
- धन के बिना जीवन कठिन है।
III. समुच्चयबोधक अव्यय (Conjunctions)
जो शब्द दो शब्दों, वाक्यांशों या दो वाक्यों को आपस में जोड़ने का काम करते हैं, उन्हें समुच्चयबोधक (योजक) कहते हैं।
- प्रमुख शब्द: और, एवं, तथा, किंतु, परंतु, लेकिन, इसलिए, क्योंकि, यदि-तो आदि।
- उदाहरण:
- राम और श्याम पक्के मित्र हैं। (दो शब्दों को जोड़ा)
- उसने मेहनत की, किंतु सफल नहीं हुआ। (दो वाक्यों को जोड़ा)
- बारिश हो रही थी, इसलिए मैं नहीं आया।
IV. विस्मयादिबोधक अव्यय (Interjections)
जिन शब्दों से हर्ष (खुशी), शोक (दुख), आश्चर्य, घृणा, भय या संबोधन जैसे भाव प्रकट होते हैं और जिनका संबंध वाक्य के किसी विशेष पद से नहीं होता, उन्हें विस्मयादिबोधक अव्यय कहते हैं। (इनके आगे विस्मयसूचक चिह्न ! लगाया जाता है।)
- प्रमुख शब्द: वाह!, ओह!, छी!, अरे!, हे भगवान!, शाबाश! आदि।
- उदाहरण:
- वाह! कितना सुंदर दृश्य है। (हर्ष का भाव)
- छी! यहाँ कितनी गंदगी है। (घृणा का भाव)
- अरे! आप कब आए? (आश्चर्य का भाव)
3. निपात (Nipāt) – अन्य भेद
कुछ व्याकरणविद निपात को भी अव्यय का ही एक रूप मानते हैं। जो अव्यय शब्द किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष बल या प्रभाव पैदा करते हैं, उन्हें निपात कहते हैं।
- प्रमुख शब्द: भी, ही, तक, मात्र, केवल, जी आदि।
- उदाहरण:
- मैं भी आपके साथ चलूँगा। (यहाँ 'भी' बल प्रदान कर रहा है)
- उसने ही यह काम किया है।
- मुझे एक रुपया तक नहीं मिला।
💡 विशेष टिप: प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे TET या अन्य सरकारी परीक्षाओं) में अक्सर वाक्य देकर पूछा जाता है कि रेखांकित शब्द में कौन सा अव्यय है या कौन सा शब्द 'अविकारी' श्रेणी में आता है। वाक्यों में लिंग-वचन बदलकर जांच करना अव्यय पहचानने की सबसे आसान ट्रिक है।
अव्यय (अविकारी शब्द) टॉपिक पर आधारित 10 'एक शब्द/लघु उत्तर' वाले प्रश्न और उनके उत्तर नीचे दिए गए हैं:
- प्रश्न: जिन शब्दों के रूप में लिंग, वचन या कारक के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता, उन्हें क्या कहते हैं? उत्तर: अव्यय (या अविकारी शब्द)
- प्रश्न: 'धीरे-धीरे' या 'अचानक' शब्द अव्यय के किस मुख्य भेद के अंतर्गत आते हैं? उत्तर: क्रियाविशेषण अव्यय
- प्रश्न: "पेड़ के नीचे गाय बैठी है" वाक्य में 'के नीचे' कौन सा अव्यय है? उत्तर: संबंधबोधक अव्यय
- प्रश्न: दो शब्दों या वाक्यों को आपस में जोड़ने वाले अव्यय को क्या कहा जाता है? उत्तर: समुच्चयबोधक अव्यय
- प्रश्न: "वाह! कितना सुंदर दृश्य है" वाक्य में 'वाह!' किस प्रकार का अव्यय है? उत्तर: विस्मयादिबोधक अव्यय
- प्रश्न: प्रयोग की दृष्टि से अव्यय के कुल कितने मुख्य भेद होते हैं? उत्तर: चार (4)
- प्रश्न: 'भी', 'ही', 'तक' जैसे शब्द जो किसी पद पर विशेष बल देते हैं, उन्हें क्या कहते हैं? उत्तर: निपात
- प्रश्न: "वह कल आएगा" वाक्य में 'कल' शब्द कौन सा क्रियाविशेषण है? उत्तर: कालवाचक
- प्रश्न: "राम और श्याम" वाक्य में 'और' शब्द क्या है? उत्तर: समुच्चयबोधक
- प्रश्न: 'अव्यय' शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या होता है? उत्तर: जो व्यय (परिवर्तित) न हो


Please give your comments....!!!