Type Here to Get Search Results !

TET हिंदी भाषा: व्युत्पत्ति और शब्द-विचार Notes and Test

TET हिंदी भाषा: व्युत्पत्ति और शब्द-विचार (Etymology & Word Formation Notes)
टीईटी (TET) परीक्षा के हिंदी व्याकरण खंड में शब्दों के स्रोत, उनकी उत्पत्ति और बनावट (व्युत्पत्ति) से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। यहाँ परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण और विस्तृत नोट्स दिए गए हैं:
1. व्युत्पत्ति और शब्द-विचार का परिचय
हिंदी भाषा में 'शब्द' भाषा की सबसे छोटी सार्थक इकाई हैं। शब्दों के अध्ययन को मुख्यतः दो आधारों पर विभाजित किया जाता है:
 * उत्पत्ति, स्रोत या इतिहास के आधार पर
 * बनावट, रचना या व्युत्पत्ति के आधार पर

भाग - I: 

उत्पत्ति, स्रोत या इतिहास के आधार पर शब्द भेद
इस श्रेणी के अंतर्गत शब्द कहाँ से आए हैं (संस्कृत से, स्थानीय बोलियों से या विदेशी भाषाओं से), इसका अध्ययन किया जाता है। इसके 5 प्रमुख भेद हैं:

1. तत्सम शब्द (तत् + सम = उसके समान)
 * परिभाषा: वे संस्कृत शब्द जो बिना किसी परिवर्तन के हिंदी भाषा में ज्यों के त्यों उपयोग किए जाते हैं, तत्सम कहलाते हैं।
 * पहचान और उदाहरण:
   * इनमें प्रायः क्ष, त्र, ज्ञ, श्र, ष, ऋ, अं (अनुस्वार) और विसर्ग का प्रयोग होता है।
   * उदाहरण: अग्नि, सूर्य, दुग्ध, रात्रि, कर्ण, हस्त, सूर्य, क्षेत्र, अमृत्, कर्तव्य।

2. तद्भव शब्द (तत् + भव = उससे होना)
 * परिभाषा: संस्कृत के वे शब्द जो प्राकृत, अपभ्रंश से होते हुए रूप बदलकर हिंदी में आए हैं, तद्भव कहलाते हैं।
 * उदाहरण:
   * अग्नि ➔ आग
   * सूर्य ➔ सूरज
   * दुग्ध ➔ दूध
   * रात्रि ➔ रात
   * हस्त ➔ हाथ

3. देशज (देशी) शब्द
 * परिभाषा: वे शब्द जिनकी उत्पत्ति का मूल स्रोत ज्ञात नहीं होता, जो क्षेत्रीय प्रभाव के कारण बोलचाल में स्वतः उत्पन्न हो गए हैं, देशज कहलाते हैं।
 * उदाहरण: पगड़ी, थैला, लोटा, खिड़की, डिबिया, जूता, पेट, फुनगी, झुग्गी।

4. विदेशी (आगत) शब्द

 * परिभाषा: विदेशी जातियों के संपर्क में आने से उनकी भाषाओं के जो शब्द हिंदी में प्रयुक्त होने लगे, उन्हें विदेशी या आगत शब्द कहते हैं।
 * प्रमुख भाषा-आधारित उदाहरण:
   * अरबी: अदालत, कानून, तारीख, अमीर, गरीब, लिफाफा।
   * फारसी: आराम, आसमान, चश्मा, दीवार, बीमार, गुलाब।
   * अंग्रेजी: डॉक्टर, पेंसिल, टिकट, स्टेशन, पेन, कोर्ट।
   * तुर्की: कैंची, बारूद, कुली, लाश, दरोगा।
   * पुर्तगाली: अलमारी, बाल्टी, चाबी, संतरा, तौलिया।

5. संकर शब्द

 * परिभाषा: दो अलग-अलग भाषाओं के शब्दों के मेल से बने नए शब्द संकर शब्द कहलाते हैं।
 * उदाहरण:
   * रेल (अंग्रेजी) + गाड़ी (हिंदी) = रेलगाड़ी
   * टिकट (अंग्रेजी) + घर (हिंदी) = टिकटघर
   * वर्ष (संस्कृत) + गाँठ (हिंदी) = वर्षगाँठ

भाग - II: 

बनावट, रचना या व्युत्पत्ति के आधार पर शब्द भेद
जब शब्दों की रचना या उनके गठन की बनावट की बात होती है, तो व्युत्पत्ति के आधार पर शब्दों के तीन मुख्य भेद माने जाते हैं:
1. रूढ़ शब्द
 * परिभाषा: वे शब्द जो किसी विशेष अर्थ के लिए वर्षों से नियत चले आ रहे हैं और जिनके यदि टुकड़े किए जाएं, तो उन टुकड़ों का कोई सार्थक अर्थ नहीं निकलता, रूढ़ शब्द कहलाते हैं।
 * उदाहरण:
   * 'कलम' (क + ल + म - अलग करने पर कोई अर्थ नहीं)।
   * अन्य उदाहरण: घर, पानी, हाथ, दिन, कान, घोड़ा।
2. यौगिक शब्द
 * परिभाषा: जो शब्द दो या दो से अधिक सार्थक शब्दों के मेल से बनते हैं और जिनके प्रत्येक खंड का अपना अर्थ होता है, उन्हें यौगिक शब्द कहते हैं। (इनमें संधि, समास, उपसर्ग या प्रत्यय के नियम काम करते हैं)।
 * उदाहरण:
   * विद्यालय = विद्या + आलय (विद्या का घर)
   * प्रधानमंत्री = प्रधान + मंत्री
   * घुड़सवार = घोड़ा + सवार
   * विज्ञान = वि + ज्ञान
3. योगरूढ़ शब्द
 * परिभाषा: वे यौगिक शब्द जो सामान्य अर्थ को न प्रकट कर किसी विशेष (रूढ़) अर्थ को संकेत करते हैं, योगरूढ़ शब्द कहलाते हैं। (बहुव्रीहि समास के अधिकांश उदाहरण इसके अंतर्गत आते हैं)।
 * उदाहरण:
   * पंकज = पंख (कीचड़) + ज (जन्मा हुआ) अर्थात् कमल का फूल।
   * दशानन = दस + आनन (रावण)।
   * नीलकंठ = नीला है कंठ जिसका (शिव)।
   * गजानन = गज के समान आनन है जिसका (गणेश)।
TET परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण टिप्स (Exam Strategy)
 * तत्सम-तद्भव पहचान नियम: यदि किसी शब्द में 'क्ष' है, तो वह प्रायः तत्सम होगा और उसका तद्भव रूप 'ख' या 'छ' हो जाता है (जैसे- क्षीर ➔ खीर)। इसी प्रकार 'व' का तद्भव 'ब' हो जाता है (जैसे- वर्षा ➔ बरखा)।
 * बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास: परीक्षा में अक्सर चार विकल्प देकर पूछा जाता है कि इनमें से कौन सा 'योगरूढ़' या 'देशज' शब्द है। शब्दों की मूल संरचना और उनके अर्थ के विखंडन (Breakdown) का अभ्यास अवश्य करें।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.