यहाँ हिंदी व्याकरण के अंतर्गत वाक्य और रचना के आधार पर उसके भेदों के संपूर्ण नोट्स दिए गए हैं:
वाक्य (Sentence) की परिभाषा
सार्थक शब्दों का वह व्यवस्थित समूह जिससे वक्ता का पूरा आशय या भाव स्पष्ट रूप से समझ में आ जाए, वाक्य कहलाता है। उदाहरण: "मोहन पुस्तक पढ़ रहा है।"
रचना (बनावट) के आधार पर वाक्य के भेद
रचना के आधार पर वाक्य के तीन मुख्य भेद होते हैं:
- साधारण वाक्य (सरल वाक्य)
- मिश्रित वाक्य (मिश्र वाक्य)
- संयुक्त वाक्य
1. साधारण वाक्य (सरल वाक्य / Simple Sentence)
- परिभाषा: जिस वाक्य में केवल एक ही मुख्य उद्देश्य (कर्ता) और एक ही विधेय (क्रिया) होता है, तथा जिसमें एक ही मुख्य समापिका क्रिया होती है, उसे साधारण वाक्य कहते हैं। इसमें कोई आश्रित उपवाक्य नहीं होता।
- मुख्य विशेषता: इसमें केवल एक मुख्य बात या विचार होता है।
उदाहरण:
- सूरज पूर्व दिशा में उगता है।
- बच्चे मैदान में खेल रहे हैं।
- अध्यापक जी कक्षा में पाठ पढ़ा रहे हैं।
- राम और श्याम साथ-साथ पढ़ते हैं। (यहाँ दो कर्ता मिलकर एक ही कार्य कर रहे हैं, अतः यह सरल वाक्य ही है।)
2. मिश्रित वाक्य (Complex Sentence)
- परिभाषा: जिस वाक्य में एक प्रधान (मुख्य) उपवाक्य हो और एक या एक से अधिक आश्रित (गौण) उपवाक्य हों, जो आपस में किसी व्याधिकरण योजक (समुच्चयबोधक) द्वारा जुड़े हों, उसे मिश्रित वाक्य कहते हैं।
- मुख्य विशेषता:
- इसमें एक मुख्य वाक्य होता है और दूसरा वाक्य अपने अर्थ के लिए पहले वाले पर निर्भर (आश्रित) रहता है।
- ये वाक्य आमतौर पर जो-सो, यदि-तो, क्योंकि, जिधर-उधर, यद्यपि-तथापि, कि, जैसा-वैसा आदि योजकों से जुड़े होते हैं।
उदाहरण:
- जो छात्र मेहनत करता है, वह परीक्षा में सफल होता है। (यहाँ "वह परीक्षा में सफल होता है" प्रधान उपवाक्य है और "जो छात्र मेहनत करता है" उस पर आश्रित उपवाक्य है)
- यदि आप समय पर आएंगे, तो हम घूमने चलेंगे।
- अध्यापक ने बताया कि कल विद्यालय में अवकाश रहेगा।
- मैं वही कलम लाया हूँ, जो तुमने पसंद की थी।
- यद्यपि वह निर्धन है, तथापि वह बहुत ईमानदार है।
3. संयुक्त वाक्य (Compound Sentence)
- परिभाषा: जिस वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र (मुख्य) उपवाक्य होते हैं, और वे आपस में किसी समानधिकरण योजक (समुच्चयबोधक) शब्दों द्वारा जुड़े होते हैं, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
- मुख्य विशेषता:
- इसके दोनों या सभी उपवाक्य अपने अर्थ के लिए एक-दूसरे पर निर्भर नहीं होते, बल्कि दोनों स्वतंत्र होते हैं।
- ये वाक्य और, एवं, तथा, या, अथवा, लेकिन, किंतु, परन्तु, इसलिए, अतः, नहीं तो आदि शब्दों से जुड़े होते हैं।
उदाहरण:
- राम बाजार गया और उसने फल खरीदे। (यहाँ दोनों उपवाक्य अपने आप में पूर्ण और स्वतंत्र हैं)
- वह सुबह जल्दी उठा, किंतु उसकी ट्रेन छूट गई।
- आप चाय पिएँगे or (अथवा) कॉफी लेंगे?
- उसने कठिन परिश्रम किया, इसलिए वह कक्षा में प्रथम आया।
- बिजली चली गई थी, अतः अंधेरा हो गया।
सारांश / त्वरित तुलना तालिका (Quick Revision Table)
| विशेषता | साधारण वाक्य (Simple) | मिश्रित वाक्य (Complex) | संयुक्त वाक्य (Compound) |
|---|---|---|---|
| उपवाक्यों की बनावट | केवल एक मुख्य उपवाक्य | एक प्रधान उपवाक्य + एक या अधिक आश्रित उपवाक्य | दो या अधिक स्वतंत्र (मुख्य) उपवाक्य |
| योजक शब्द (Conjunctions) | कोई योजक नहीं होता | जो, सो, यदि, तो, कि, क्योंकि, यद्यपि आदि | और, एवं, तथा, किंतु, परंतु, लेकिन, इसलिए, अतः आदि |
| निर्भरता | स्वतंत्र | आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य पर निर्भर होता है | सभी उपवाक्य एक-दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र होते हैं |


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